Success Story: धोरों की धरती के झुंझुनू जिले की बेटी बनी IAS, पहले प्रयास में नाकाम, दूसरे में आई 267वीं रैंक, पढिए गाँव से उठकर आईएएस बनने तक का सफर
UPSC Story: पढ़कर लिखकर बढ़िया नौकरी मिल जाए और हम सेटल हो जाएँ हर किसी का ये सपना होता है। कुछ होते हैं जो चाहते हैं कोई भी नौकरी मिल जाए बस सैलरी ठीक ठाक मिले। और कुछ जो ठान लेते हैं की कुछ भी हो बनना तो आईएएस ही है।

Success Story: पढ़कर लिखकर बढ़िया नौकरी मिल जाए और हम सेटल हो जाएँ हर किसी का ये सपना होता है। कुछ होते हैं जो चाहते हैं कोई भी नौकरी मिल जाए बस सैलरी ठीक ठाक मिले। और कुछ जो ठान लेते हैं की कुछ भी हो बनना तो आईएएस ही है।
धोरों की धरती में हुआ जन्म
ऐसी ही कहानी है फराह हुसैन की जिन्होंने UPSC क्रैक कर अपने नाम के आगे आईएएस लगवाया। फराह हुसैन का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवां गांव में हुआ था। वे ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं, जहां शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता दी जाती थी।
घर में 3 आईएएस, 1 आईपीएस और 5 आरएएस

फराह के परिवार में 3 आईएएस, 1 आईपीएस और 5 आरएएस अधिकारी हैं। यानी कुल 9 सदस्य उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जो दर्शाता है कि सेवा की भावना उनके खून में है। फराह की शुरुआती पढ़ाई झुंझुनू में हुई और उनका पहला सपना डॉक्टर बनना था।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता

लेकिन समय के साथ उनकी रुचि कानून और समाज सेवा की ओर बढ़ने लगी। उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और एक क्रिमिनल लॉयर के तौर पर भी काम किया। फराह ने जब यूपीएससी की तैयारी शुरू की, तो वे अपने पहले प्रयास में असफल रहीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2016 में अपने दूसरे प्रयास में, मात्र 26 वर्ष की आयु में, उन्होंने यूपीएससी लोक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और अखिल भारतीय स्तर पर 267वीं रैंक प्राप्त की।
फराह के परिवार ने उनकी सफलता में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनके माता-पिता ने उन्हें कभी सीमाओं में नहीं बांधा, बल्कि हमेशा बड़ा सोचने और प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। आज फराह हर उस लड़की के लिए उम्मीद की किरण हैं जो खुद को सीमित मान बैठती है।











